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Tuesday, May 12, 2009

इन आँखों ने एक सपना देखा

इन आँखों ने एक सपना देखा
सपने में कोई अपना देखा ,

बर्फीली वादियों में जिसके साथ
हाथों में डाले हाथ ,
इस दुनिया की भीड़ भाड़ से बेखबर
प्यार में डुबे इस कदर,

न खुद को खुद की खबर
न दिन रात न कोई पहर
न हम रहे हम न तुम रहो तुम
न फासले हो दरमियाँ
प्यार में डुबे इस कदर,

एक लम्हा भी गर ऐसा जाये गुजर
तो मरने से न फिर लगे डर
इन आँखों ने एक सपना देखा
सपने में कोई अपन देखा !

रेवा

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