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Wednesday, December 12, 2018

कोहरा


कोहरा यानी
पृथ्वी का आकाश से
आलिंगन ....
शाम यानी
दिन और रात का
मिलन ...
बरसात यानी
आसमान का धरती को
प्यार भरा संदेश ....
भोर यानी
रात के आगोश से निकल
झिलमिलाती सूर्य की
किरणें ...
समुन्दर यानी
गीली नदी का बहता
प्यार .......
आँखें यानी
असंख्य मोतियों से भरा
सीप......
इश्क यानी
मैं, तुम और एहसास !!!


रेवा

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