Pages

▼

Wednesday, June 17, 2009

तुम्हारे लिए

अब तो मेरे दिन का हर पल है तुम्हारे लिए

मेरी धडकनों की धड़कन है तुम्हारे लिए

मेरे सांसो की सरगम है तुम्हारे लिए

मेरे हर ख्वाब है तुम्हारे लिए

मेरे हर एहसास है तुम्हारे लिए

मेरी ज़िन्दगी है तुम्हारे लिए

मेरी बंदगी है तुम्हारे लिए

मेरी मौत भी हो तो बस तुम्हारे लिए

रेवा

No comments:

Post a Comment