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Monday, March 12, 2018

भटकन



इश्क पाने की चाह में
भटकते भटकते
खो सी गयी हूँ
एक उम्मीद दिखती है
पर वो राह नहीं होती
वो तो गली होती है
जो निकलती है
एक और गली में
उनमें चलते चलते
उलझ सी गयी हूँ,
अब तो
डरने लगी हूँ खुद से
अपना आप
बोझ लगने लगा है...

जानती हूँ इश्क तो
खुद से करना चाहिए
अपने अन्दर ही तो है
समाहित है ये ज़ज्बा
कस्तूरी की तरह
पर ये किताबी बातें
लगती हैं
मैं चाँद की चांदनी
बन्ने की ख्वाहिश रखती हूँ
जैसे उन दोनों का
एक दूजे के बिना
कोई वजूद नहीं
एक दूजे के पूरक हैं वो
बस वैसे ही तो चाहती हूँ
मैं भी
पर वो मुमकिन होता नहीं 
और मैं इश्क पाने की चाह में
भटकते भटकते
ख़ुद से बेज़ार 
अपनी रूह को भूल 
बस लिबास बन 
फिर रही हूं !!

रेवा



9 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (14-03-2018) को "ढल गयी है उमर" (चर्चा अंक-2909) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    राधा तिवारी

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  2. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन प्रतिज्ञा पूरी करने का अमर दिवस : ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

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  3. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 15.03.2018 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2910 में दिया जाएगा

    धन्यवाद

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    Replies
    1. आभार दिलबाग जी

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  4. आदरणीय / आदरणीया आपके द्वारा 'सृजित' रचना ''लोकतंत्र'' संवाद मंच पर 'सोमवार' १९ मार्च २०१८ को साप्ताहिक 'सोमवारीय' अंक में लिंक की गई है। आप सादर आमंत्रित हैं। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/

    टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

    निमंत्रण

    विशेष : 'सोमवार' १९ मार्च २०१८ को 'लोकतंत्र' संवाद मंच अपने सोमवारीय साप्ताहिक अंक में आदरणीया 'पुष्पा' मेहरा और आदरणीया 'विभारानी' श्रीवास्तव जी से आपका परिचय करवाने जा रहा है।

    अतः 'लोकतंत्र' संवाद मंच आप सभी का स्वागत करता है। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/

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  5. सुंदर प्रस्तुति

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