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Thursday, April 30, 2009

आज फिर

आज फिर मन है उदास ,
दिल को हो रहा है तुझसे दुरी का एहसास ,
आँखों से फिर बह रहें है जलधार ,
आज फिर मन है उदास........

आज फिर हर पल जल रहा है मेरा मन ,
आज फिर हर पल तड़प रहा है मेरा प्यार ,
आज फिर तेरे बिना सूना है मेरा संसार ,
आज फिर जीवन ने छोड़ी जीने की आस.......

आज फिर मन है उदास ,
दिल को हो रहा है तुझसे दुरी का एहसास .........

रेवा 

Sunday, April 26, 2009

आज मन क्यों इतना व्याकुल है

आज मन क्यों इतना व्याकुल है......

पता नहीं बार बार आंखे क्यों भर आती है

कुछ भी मन को सुकून क्यों नहीं देता है

किसी अनजानी आशंका ने मन को क्यों घेर रखा है

क्यों बार बार दिल भर जाता है

क्यों इतनी बैचनी हो रही है

क्यों मन अच्छी बातें नहीं याद कर पा रहा है

क्यों अपने आप को कमज़ोर महसूस कर रही हूँ

क्यों लगता है कोई मेरे साथ नहीं है

क्यों इस दुनिया की भीड़ में अपने आप को तनहा महसूस कर रही हूँ

आज मन क्यों इतना व्याकुल है........

रेवा

Friday, April 24, 2009

मर जाने को जी चाहता है........

जब वो प्यार से बात करता है तो,
मर जाने को जी चाहता है...........

जब वो प्यार से देखता है तो ,
मर जाने को जी चाहता है..........

जब वो प्यार से सताता है तो ,
मर जाने को जी चाहता है............

जब वो प्यार से प्यार करता है तो ,
मर जाने को जी चाहता है............

जब वो प्यार से अपने पास बुलाता है तो ,
मर जाने को जी चाहता है...........

जब वो प्यार से " मेरी जान " बोलता है तो ,
मर जाने को जी चाहता है...........

सच मे एक दिन उसकी बाँहों मे ,
मर जाने को जी चाहता है............

रेवा 

Thursday, April 23, 2009

एक ख्वाब......

कल रात मैंने एक ख्वाब देखा ,
ख्वाब मे तुम्हे देखा.....
समुन्दर के  किनारे गीली रेत पर
तुम्हारे कांधे पर सर रखे ,
अपने आप को पूरी तरह भूल गयी.......

बरसात मे एक छतरी के निचे ,
तुम्हारे साथ हाँथो मे डाले हाँथ ,
पता नहीं कितनी दूर कितनी देर ,
बस चलती गयी ......

सर्दी की कुनकुनी धुप मे ,
घंटो तुम्हारे साथ बैठे ,
दुनिया भर की बातें करते ,
पता नहीं कब शाम हो गयी .........

और भी ऐसी पता नहीं ,
कितनी अनगिनत बातें ,
अनगिनत मुलाकातें ,
और ज़िन्दगी यूँही चलती गयी 
बस यूँही  चलती गयी  ......

काश ये ख्वाब सच हो जाये ,
काश ........................................

रेवा

Wednesday, April 22, 2009

Never Knew......

Never knew what love is until loved by you.....

Never knew what caring is until cared by you....

Never knew what feeling is until felt you......

Never knew what missing is until missed you.....

Never knew what crying is until cried for you....

Never felt my heart beat until it started beating for you.....

Never Knew what eyes filled in love is until it filled with your love....

Never knew what melting is until melted in your arms......

Will never know what dying is until one day die in your arms......

REWA

Monday, April 20, 2009

मेरी क्या खता है....

आँसू  है की रुकने का नाम नहीं ले रहे ,
दिल बार बार भर आता है........

इसे क्या समझाउं कैसे समझाउं की ,
इसने जिसे अपना सब कुछ मान लिया है ,
जिसके लिए ये दिन रात बेक़रार रहता है ,
वोही उसे दुःख देगा .....

जिसके एक ख्याल से एक पैगाम से ये खुश हो जाता है ,
वो उसे दुःख देगा .....

जिसकी एक आवाज़ मे ये जीने लगता है ,
जिसके  इंतज़ार मे वक़्त थम जाता है ,
वो उसे दुःख देगा ....

जिसके बिना वो अपने आप को अधुरा महसूस करता है ,
जिसके मिलने की आस मे वो जी रहा है ,
वो उसे दुःख देगा ....

अपने आप को तो समझा भी ल़ू पर इस दिल का क्या करू ,
जो कुछ समझने को तैयार ही नहीं...

इतना दुखी है की न आँखों मे नींद है न इसे चैन ,
बस एक सवाल है ,
मेरी क्या खता है ,
मेरी क्या खता है......

रेवा 

प्यार...दवा भी,दर्द भी

जब तू पास हो तो प्यार मे मन बेचैन हो जाता है ,
जब दूर हो तो दर्द मे मन बेचैन हो जाता है.....

कभी ये ऑंखें प्यार मे सरोबर छलकने लगती है ,
तो कभी विरह मे रोती है......

कभी उसकी प्यारी बातें मन को गुदगुदा देती है ,
तो कभी उसकी ख़ामोशी जान ले लेती है........

कभी उसका प्यार जीवन मे दुगना आनंद भर देता है ,
तो कभी उसकी दुरी मात्र  का एहसास जीवन मे दर्द भर देता है......

यह प्यार का कैसा एहसास है , दवा भी देता है और दर्द भी .....

रेवा 

Sunday, April 19, 2009

तुम हो....

जब हवा का झोंका मुझे होले से स्पर्श करता है 
तो लगता है के तुम हो ,


जब हवा का झोंका मेरे बालों को सहलाता है 
तो लगता है के तुम हो ,


जब हवा का झोंका मेरे आंचल से खेलता है 
तो लगता है के तुम हो ,


जब हवा का झोंका मेरे कानों को छू कर जाता है 
तो लगता है तुमने हौले से कुछ कहा है ,


ये कैसे जज्बात है, ये कैसे  एहसास है 
जो बस तुम्हे ही ढूंढते है ,तुम्हे ही महसूस करते है हर जगह /


बस तुम्हे ही ....................


रेवा 

Saturday, April 18, 2009

मत कर ..........

मेरा मन कई बार मुझसे कहता है 
तू खुद को खुद से दूर मत कर ,
मत डूबा अपने आप को ऐसी चाहत मे ,
मत कर उसे इतना याद 
की फिर तुझे कुछ याद ही न रहे ,
मत तरस उसकी बातें सुनने को इतना 
के फिर तुझे और किसी की बातें सुकून न दे ,
मत देख उसके इतने ख्वाब 
के तेरी आँखों को और कोई ख्वाब ही न दिखे ,
मत कर उसे इतना प्यार 
के फिर तुझे उसके सिवा और किसी से मोहब्बत ही न हो ,
मत तड़प उसकी बाँहों मे सिमटने को इतना 
के फिर तू , तू ही न रहे ,
मत कर उसका इतना इंतज़ार 
के फिर तुझे और कोई नज़र ही न आये ,
मत कर उसे इतना प्यार 
मत कर /


रेवा 

Friday, April 17, 2009

कहाँ ले जाऊ ?

कभी कभी तेरी याद इस कदर आती है 
की मेरी आँखें भर आती है ,
आँखों से गिरते एक एक आँसू 
तेरे प्यार को तरसते है,
क्या करू मैं अपना....कहाँ ले जाऊ
अपने इन जज्बातों को ?
कहाँ ले जाऊ इन आंसुओं  को
अपनी इस तड़प को ?


कहाँ ले जाऊ ?


रेवा 

Thursday, April 16, 2009

तेरा ख्याल

जब तेरा ख़्वाब ही इतना हसीं है तो
हकीकत में क्या होगा ?


जब ख़्यालों में तू इतना प्यार करता है तो
हकीकत में क्या होगा ?


जब मेरी सोंच मे तेरी बातें मुझे सबसे बेगाना कर देती है तो
हकीकत में क्या होगा ?


जब कल्पना में तेरा साथ मुझे इतना तडपा देता है तो
हकीकत में क्या होगा ,


जब सपनों में तेरा आगोश इतना सुकून देता है तो
हकीकत में क्या होगा ,


जब तेरा ख्याल ही इतना हसीं है तो
हकीकत कैसा होगा /


रेवा 

Wednesday, April 15, 2009

कभी सोचा न था

कभी सोचा न था की 
मुझे भी प्यार हो जायेगा ,

ये प्यार 

मुझे खुद से जुदा कर देगा  ,


मै भी 
किसी के इतना करीब हो जाऊँगी ,


कोई मेरे लिए दुनिया मे
सबसे प्यारा हो जायेगा ,



मेरी भी साँसें तेज़ 
और धड़कने रुक जायेंगी ,

मैं भी पागलों की तरह 
सोचते सोचते हँसने लगूंगी 

बिन बात 
शर्म से लाल हो जाउंगी 

कभी सोचा न था की 
मुझे भी प्यार हो जायेगा  !!!!!!!


रेवा 

Tuesday, April 14, 2009

एहसास ....

ये क्या हो रहा है मुझे ,
ये क्यों हो रहा है ??
ये अजीब से एहसास ......
उसका दूर हो कर भी पास होना ,
बाहों मे न हो कर भी होना ,
धडकनों से दूर होकर भी
धड़कने महसूस करना,
कुछ न बोलते हुए भी 
सब कुछ सुन लेना ,
बिना मिले ही 
हर पल 
गर्माहट महसूस करना ,
दिन के हर छण मे 
मेरे साथ होना ,
उफ्फ्फ
अब तो ये एहसास ही
मेरी ज़िन्दगी बन गए हैं !!!!!




रेवा 

Monday, April 13, 2009

तू क्या है ........

मेरी हर धड़कन मे तू 
मेरी हर तड़पन मे तू ,

मेरी हर याद मे तू
मेरी हर बात मे तू ,

मेरी हर हंसी मे तू
मेरी हर ख़ुशी मे तू ,

मेरे हर ख्याल मे तू
मेरे हर सवाल मे तू ,

बारिश की बूंदों मे तू
सर्दी की धुप मे तू ,

न ये तू जानता है
न मै जानती हूँ की
तू मेरे लिए क्या है ...


रेवा