Followers

Thursday, October 22, 2020

ताउम्र




मैं तो नहीं रहने वाली ताउम्र यहां 
आप 
क्या आप रहने वाले हैं
हमेशा के लिए यहां
नहीं ना
तो फिर इतनी चिंता किस
बात की
अरे खुल कर जियो
मौज में रहो

चार पैसे कम कमा लोगे
तो कुछ न बिगड़ेगा
कौन सा साथ लेकर
जाना है
जितनी जरूरत है उतना
कमाओ
मशहूर न हुए न सही
ऊपर कोई नहीं पूछने वाला

लेकिन सोचो
इन सब की वजह से
अगर ज़िन्दगी न जिया
तो वो न मिलने की दोबारा
ये बस इसी बार है
तो जी लो खुल कर
प्यार करो दिल भर कर
दोस्त बनाओ जी भर कर
मस्ती करो
और चैन से रहो
क्योंकि तुम हमेशा
नहीं रहने वाले यहां


#रेवा


11 comments:

  1. Replies
    1. बहुत शुक्रिया आपका

      Delete
  2. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (२४-१०-२०२०) को 'स्नेह-रूपी जल' (चर्चा अंक- ३८६४) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    --
    अनीता सैनी

    ReplyDelete
  3. बहुत बढ़िया

    ReplyDelete
  4. बहुत खूब रेवा जी ।
    सकारात्मक विचार।

    ReplyDelete

  5. मैं तो नहीं रहने वाली ताउम्र यहां
    आप
    क्या आप रहने वाले हैं
    हमेशा के लिए यहां
    नहीं ना
    तो फिर इतनी चिंता किस
    बात की
    अरे खुल कर जियो
    मौज में रहो
    .......बिल्कुल सही मन्तव्य है आपका। मेरा भी यही मानना है कि जीवन जीने का नाम है ... ज्यादा फिक्रमंद होना, हमें जीवन से दूर कर देता है।
    बहुत-बहुत शुभकामनाएँ रेवा जी।।।।।

    ReplyDelete