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Saturday, November 22, 2014

जरूरी तो नहीं......

प्यार को प्यार मिल जाये
जरूरी तो नहीं ,
दिल को क़रार मिल जाये
जरूरी तो नहीं ,
जीने को तो जी लेते है सभी
ज़िन्दगी मौत से बेहतर हो जाये
जरूरी तो नहीं……

रेवा 

7 comments:

  1. मौत का आभास नहीं मुझे लेकिन जन्दगी में युद्ध नही जीने के लिए तो जीने में मज़ा नही
    स्नेहाशीष .... असीम शुभ कामनायें

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  2. बहुत सुन्दर !

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  3. haan ji koi jaruri to nahi .....:))

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (23-11-2014) को "काठी का दर्द" (चर्चा मंच 1806) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच के सभी पाठकों को
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  5. वह क्या बात है ... लाजवाब मुक्तक ...

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