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Tuesday, October 25, 2016

प्यार की गर्माहट



उफ़्फ़ ये प्यार .........  

गुनगुना सा एहसास
और उस पर
ये पहले पहले
ठण्ड की दस्तक .........  
जो दिल मे
बुनती जाती है
फंदा दर फंदा
प्यार की स्वेटर.........  
जिसे पेहेन लेती हूँ
हर दिन
और भर लेती हूँ
अपने रूह मे
तेरे प्यार की गर्माहट !!!!!!!!


रेवा 

 लिखने को लिख दूँ तुझ पर कवितायेँ हज़ार

6 comments:

  1. प्यार के एहसास में सनी नेह की बँधी डोर न जाने कब तक लिखवाती रहेगी..बेचारे इस दिवाने को भी पता नहीं...जमाना चाहे हमको कहे दिवाना,पर क्या फर्क पड़ता है..यही एहसास तो है जो आज ना होकर भी हमारे खुद के होने को अस्तित्व दे रहा है..लाजवाब लिखा है आपने....बहुत सुंदर।

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    1. wah....sanjay kya baat kahi......shukriya

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  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 27-10-2016 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2508 में दिया जाएगा ।
    धन्यवाद

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  3. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शुक्रवार 28 अक्टूबर 2016 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  4. बहुत सुन्दर

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  5. बहुत ही सुन्दर और प्रभावशाली पंक्तिया ...

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