Followers

Saturday, October 20, 2012

महिसासुरों का नाश कर सके (मासिक उनवान )

हमारी नन्ही कलियाँ 
आज के ज़माने मे 
कितनी सुरक्षित 
ये तो सभी जानते हैं ,
आये दिन हम पढ़ते 
और सुनते रहते ......
हर बार जब मैं एक नन्ही 
बच्ची को देखती हूँ 
तो दिल डरता है की 
कहीं उसके साथ कुछ 
गलत न हो जाये ....... 
हर किसी के 
मन मे इतना डर 
इतना ख़ौफ़ भर गया है 
इस बात का ....... 
पर क्या हम अपनी
बेटियों को इतना 
मजबूत ,इतने इरादे 
के पक्के नहीं बना सकते 
की वो भी माँ दुर्गा 
की तरह इन महिसासुरों 
का नाश कर सके। 

रेवा 

8 comments:

  1. Mahishsur to har mulk,har sadee me paida hote rahenge......inka vinash nahee hoga....
    Sundar rachana!

    ReplyDelete
  2. *पर क्या हम अपनी
    बेटियों को इतना मजबूत ,
    इतने इरादे के पक्के नहीं बना सकते ,
    कि वो भी माँ दुर्गा की तरह
    इन महिसासुरों का नाश कर सके ....
    शुरुआत हो चुकी है ,मजबूत बनाने का ....

    ReplyDelete
  3. kash aisa hi ho... har beti mahishasur ka naash kar sake...!!
    happy dashehra...

    ReplyDelete
  4. इन महिसासुरों पर चोट करती....बहुत सुन्दर और सार्थक शब्द रचना !!

    ReplyDelete
  5. मजबूत बना सकते हैं...मगर इन राक्षसों का बल भी तो दिन दूना बढ़ता जा रहा है...

    विचलित करते भाव ...
    सस्नेह
    अनु

    ReplyDelete
  6. बेह्तरीन अभिव्यक्ति .

    ReplyDelete
  7. सुन्दर भाव ,सुन्दर रचना ...ज़रुरत हौसला भरने की है ....आमीन !!!

    ReplyDelete
  8. aap sabka bahut bahut shukriya

    ReplyDelete