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Friday, December 6, 2013

माँ बाप और बच्चे





ज़िन्दगी का हर पड़ाव हमे कुछ न कुछ सिखाता है। 


आज खड़े हैं हम वहाँ जहाँ कभी हमारे माँ बाप थे 
हम भी सुनते है वो जवाब बच्चों से 
जो कभी वो हमसे सुना करते थे ,
आज टूटता है हमारा भी दिल 
जब बच्चे कुछ "पूछने" को "टोकने "
का नाम देते हैं ,
आज हम भी रोते हैं जब 
अपने दिल के टुकड़ों कि चिंता को 
"टेन्शन" और "ओवर रियेक्ट" का नाम 
दिया जाता हैं। 
आज हम भी सोच मे पड़ जातें हैं जब 
उन्हें हर छोटी बड़ी बात सिखाने के बाद  
सुनते है "आप नहीं समझोगे ",
आपका जमाना कुछ और था 
हमारा कुछ और ,
तब हम अपने माँ बाप 
का नजरिया नहीं समझते थे 
और आज हमारे बच्चे हमारा,
शायद ये प्रक्रिया चलती रहेगी हमेशा 
अंत मे ये कहूँगी 

"नमन हर माँ बाप को 
उनके संयम और प्यार को 
उनके रूप में 
धरती पर बसे
भगवान् को "

रेवा 

7 comments:

  1. दो पीढ़ियों के बीच की खाई हमेशा रहा है और रहेगी !
    नई पोस्ट वो दूल्हा....
    latest post कालाबाश फल

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (07-12-2013) "याद आती है माँ" “चर्चामंच : चर्चा अंक - 1454” पर होगी.
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है.
    सादर...!

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  3. सचमुच यह भेद अभेद ही रह जाता है.

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  4. ये तो श्रस्टी का क्रम है ... चलता रहेगा ....

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