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Saturday, November 24, 2018

बाजार




बाजार सजा है
तुम्हारी  प्यास बुझाने को
तुम वहां रोज़ जाते हो
फिर भी उसे वैश्या कह
तिरस्कृत करते हो
और ख़ुद सम्मानित
कहलाते हो

बीवी के रहते हुए भी
रासलीला रचाते हो
और ख़ुद को कृष्ण
सरीखे बताते हो

इतने सब पर भी
जाने क्या बाकी
रह जाता है की
तुम बलात्कार
पर बलात्कार
करते हो
ख़ुद को तो बाइज्ज़त बरी
कर लेते हो और
उसको पीड़िता बता
बहिष्कृत करते हो

उसके पहनावे
उसके चलने के तरीके
उसके मेकअप
उसके घर से बाहर
निकलने के समय
सब पर दोष मढ़ते हो
पर ख़ुद को साफ़
बचा लेते हो ..

हर बार लगातार
सारी परिस्थियों में
ख़ुद को दोषरहित
बताते हुए
साफ़ बचा लेते हो !!


#रेवा
#पुरुष 

9 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (25-11-2018) को "सेंक रहे हैं धूप" (चर्चा अंक-3166) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. सार्थक रचना

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  3. ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 24/11/2018 की बुलेटिन, " सब से तेज़ - ब्लॉग बुलेटिन “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  4. तिक्त दर्द।
    अप्रतिम अभिव्यक्ति ।

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  5. I really like the post. It is very great blog. I shared post in 24 hour Des Moines Towing. It is best training provide. It is best reviews. Thanks for posting.

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