प्यार शब्द खुद मे इतना प्यारा है की इसे किसी परिभाषा की ज़रूरत नहीं ……ये एक एहसास है जो बस महसूस किया जा सकता है,पर इसके साथ ये भी सच है की प्यार की बड़ी बड़ी बातें सभी लोग कर लेते है……पर सच्चा प्यार बहुत कम लोगों के नसीब मे होता है……ये भी माना के प्यार दर्द भी देता है पर अगर ये सच्चा है तो संतुष्टि भी देता है…ऐसा प्यार हमे प्रभु के और करीब ले जाता है …ये मेरी भावनाएं और एहसास , इन्हीं को शब्द देने की कोशिश है मेरी …....
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Sunday, September 6, 2009
Thursday, August 27, 2009
सिखा दे मुझे

दूर रह कर दूर रहना आता है मुझे
पास रह कर दूर रहना सिखा दे मुझे ,
बिना मिले तुझे महसूस करना आता है मुझे
मिल कर भी तुझे न पाना सिखा दे मुझे ,
टूट कर प्यार करना आता है मुझे
प्यार कर के टूट जाना सिखा दे मुझे ,
चैन गवां कर बेचैन होना आता है मुझे
चैन पा कर भी बेचैन होना सिखा दे मुझे ,
दुःख मैं भी सुख ढूँढना आता है मुझे
सुख मैं भी दुखी होना सिखा दे मुझे ,
प्यार के बिना जीना आता है मुझे
प्यार दे कर भी तडपना सिखा दे मुझे ,
जी कर मरना आता है मुझे
मर कर जीना सिखा दे मुझे ,
दूर रह कर दूर रहना आता है मुझे
पास रह कर दूर रहना सिखा दे मुझे l
पास रह कर दूर रहना सिखा दे मुझे ,
बिना मिले तुझे महसूस करना आता है मुझे
मिल कर भी तुझे न पाना सिखा दे मुझे ,
टूट कर प्यार करना आता है मुझे
प्यार कर के टूट जाना सिखा दे मुझे ,
चैन गवां कर बेचैन होना आता है मुझे
चैन पा कर भी बेचैन होना सिखा दे मुझे ,
दुःख मैं भी सुख ढूँढना आता है मुझे
सुख मैं भी दुखी होना सिखा दे मुझे ,
प्यार के बिना जीना आता है मुझे
प्यार दे कर भी तडपना सिखा दे मुझे ,
जी कर मरना आता है मुझे
मर कर जीना सिखा दे मुझे ,
दूर रह कर दूर रहना आता है मुझे
पास रह कर दूर रहना सिखा दे मुझे l
रेवा
Friday, August 21, 2009
क्या हैं जवाब ?

क्या तेरे पास इन सवालों के जवाब है ?
क्यों यह दूरियां इतना तडपाती हैं
क्यों सिर्फ़ यादों से इस मन को बहला नही पाती
लाख कोशिशों लाख सवालों जवाबों के बावजूद
यह नही समझता ,
क्यों यह इस दुनिया के रीती रिवाजों ,रस्मों को
तोड़ने पर आतुर रहता है ?
क्यों यह जानते हुए की इस जन्म मे तो हमारा मिलन
मुमकिन नहीं ,यह नही मानता ?
हर पल बस तुझे याद करता है
हर लम्हा तेरी चाह लिए जीता है
क्यों तेरी एक आवाज़ सुनने को व्याकुल रहता है
हर लम्हा तेरी चाह लिए जीता है
क्यों तेरी एक आवाज़ सुनने को व्याकुल रहता है
ख्वाबो मे भी तेरी झलक पा कर बेताब हो जाता
तेरे द्वारा कही गई बातो को ही अपनी ज़िन्दगी मानता है ,
तेरी हँसी हँसता है ,तेरे आंसू रोता है ,
हर पल भावुकता मे बहने को आतुर रहता है ,
अपनी इच्छाओं को मार कर लहू लुहान होता रहता है ,
क्या तेरे पास इन सवालों के जवाब है ,
बोलो क्या हैं जवाब ?
रेवा
Tuesday, August 18, 2009
तेरी यादें

तेरी यादें बहुत प्यारी है
कभी मुझे हँसा देती है
और कभी मुझे रुला देती हैं,
कभी मुझे अपने मे इस कदर समेट लेती है
जैसे तू मुझे अपनी बाँहो़ मे समेट रहा हो,
तेरी यादों के सहारे तुझसे दूर हो कर भी
हमेशा तेरी नजदीकी का एहसास होता है,
तेरी यादों मे समाना ऐसा है, जैसे बादल हर
शाम सूरज को अपने आगोश मे समां लेता है ,
कभी मुझे हँसा देती है
और कभी मुझे रुला देती हैं,
कभी मुझे अपने मे इस कदर समेट लेती है
जैसे तू मुझे अपनी बाँहो़ मे समेट रहा हो,
तेरी यादों के सहारे तुझसे दूर हो कर भी
हमेशा तेरी नजदीकी का एहसास होता है,
तेरी यादों मे समाना ऐसा है, जैसे बादल हर
शाम सूरज को अपने आगोश मे समां लेता है ,
जैसे प्यासी धरती पर बारिश की हर एक बूँद,
जैसे चाँद की रौशनी से नहाई रात,
तेरी यादें बहुत प्यारी है ...
तेरी यादों में मैं हर लम्हा जी लेती हूँ
हर पल तेरे प्यार को महसूस कर लेती हूँ ,
पर कभी कभी दिल यह कह उठता है की
काश तेरी यादों के साथ- साथ तू भी
मेरे करीब होता.................
रेवा
Wednesday, July 29, 2009
क्या तुम यह जानते हो ?
क्या तुम जानते हो .........
तुम्हारा नशा मेरी आँखें
तुम्हारी खुशबू मेरा इत्र
तुम्हारा प्यार मेरा श्रृंगार
तुम्हारा स्पर्श मेरे एहसास
तुम्हारे एहसास मेरी जिंदगी
तुम्हारे जज्बात मेरी बंदगी
तुम्हारी तड़प मेरा जूनून
तुम्हारा आगोश मेरा सुकून
तुम्हारी सांसें मेरी धड़कन
तुम्हारी बातें मेरी तड़पन
तुम्हारी धड़कन मेरा दिल
तूम मेरी आत्मा
क्या तुम जानते हो ????
रेवा
तुम्हारा नशा मेरी आँखें
तुम्हारी खुशबू मेरा इत्र
तुम्हारा प्यार मेरा श्रृंगार
तुम्हारा स्पर्श मेरे एहसास
तुम्हारे एहसास मेरी जिंदगी
तुम्हारे जज्बात मेरी बंदगी
तुम्हारी तड़प मेरा जूनून
तुम्हारा आगोश मेरा सुकून
तुम्हारी सांसें मेरी धड़कन
तुम्हारी बातें मेरी तड़पन
तुम्हारी धड़कन मेरा दिल
तूम मेरी आत्मा
क्या तुम जानते हो ????
रेवा
Friday, July 10, 2009
आहिस्ता आहिस्ता
आहिस्ता आहिस्ता
दिल कब पराया हो गया
पता ही न चला,
दिल कब पराया हो गया
पता ही न चला,
आहिस्ता आहिस्ता
कब वो मुझमे बस गया
पता ही न चला,
आहिस्ता आहिस्ता
कब मैं उसके सपनों
में खोने लगी
पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब उसका ख्याल,
उसकी बातें मेरी ज़िन्दगी बन गए
पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब मेरी हँसी ,मेरी खुशी ,मेरे आंसू सब
उससे जुड़ गए पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब उसके दिल उसकी बाँहो में मैं
बसने लगी पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब मेरी हर धड़कन
हर साँस उसकी हो गई
पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब एक दिन उसकी बाँहो में
मैं अपनी आखिरी साँस लुंगी
पता ही न चलेगा .............
रेवा
कब वो मुझमे बस गया
पता ही न चला,
आहिस्ता आहिस्ता
कब मैं उसके सपनों
में खोने लगी
पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब उसका ख्याल,
उसकी बातें मेरी ज़िन्दगी बन गए
पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब मेरी हँसी ,मेरी खुशी ,मेरे आंसू सब
उससे जुड़ गए पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब उसके दिल उसकी बाँहो में मैं
बसने लगी पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब मेरी हर धड़कन
हर साँस उसकी हो गई
पता ही न चला
आहिस्ता आहिस्ता
कब एक दिन उसकी बाँहो में
मैं अपनी आखिरी साँस लुंगी
पता ही न चलेगा .............
रेवा
Thursday, July 2, 2009
प्यार
प्यार एक ऐसा जज्बा है
जिसकी कोई सीमा निर्धारित नही
न शुरुआत है न अंत
न इसकी गहराई का पता चलता है
यह तो ऐसा एह्स्सास है
जो बस महसूस किया जा सकता है
इस जज्बे में एक पल में
पुरी ज़िन्दगी जी जा सकती है
और एक ही पल मैं मौत का
एह्स्सास भी हो सकता है........
रेवा
जिसकी कोई सीमा निर्धारित नही
न शुरुआत है न अंत
न इसकी गहराई का पता चलता है
यह तो ऐसा एह्स्सास है
जो बस महसूस किया जा सकता है
इस जज्बे में एक पल में
पुरी ज़िन्दगी जी जा सकती है
और एक ही पल मैं मौत का
एह्स्सास भी हो सकता है........
रेवा
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