ये आँसू भी अजीब है
आँखों के कैदखाने मे
उम्र भर कैद रहते हैं ,
फिर बिना आगाह किये
मन के भावों को पढ़
खुद को आज़ाद
कर लेते हैं ,
इतने छोटे से कैदखाने मे
इतने सारे आँसू
एक साथ रहते हैं ,
फिर बिना आगाह किये
मन के भावों को पढ़
खुद को आज़ाद
कर लेते हैं ,
इतने छोटे से कैदखाने मे
इतने सारे आँसू
एक साथ रहते हैं ,
और इतनी ईमानदारी से
ताउम्र दर्द के साथ
अपना रिश्ता निभाते हैं ,
क्या ये हमे ज़िन्दगी की
बहुत बड़ी सीख नहीं देते ?
रेवा
