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Friday, April 17, 2020

अनुवाद



अनुवाद सिर्फ एक 
भाषा का दूसरी भाषा 
में नहीं होता 
अनुवाद उससे भी कहीं इतर 
और वृहद होता है

पक्षियों की चहचाहट
संग उनका फुदकना
उनकी बोली का अनुवाद है

कवियों के लिए 
उनके मौन उनके 
एहसास का अनुवाद है
उनकी कविताएं

हमारे अंतस में घट रही 
घटनाओं, व्यथा घुटन 
खुशी प्रेम का अनुवाद है 
हमारे चेहरे पर आते 
जाते भाव 

किसी से जुड़े बिना ही 
उसके दुःख को महसूस करना 
उसके संकेत का अनुवाद है 

कई बार हम धुँधला सा कोई 
स्वप्न देखते हैं 
पर स्वप्न में क्या घटित हुआ 
ये महसूस कर पाते हैं 
ये हमारे अवचेतन मन का 
अनुवाद है 

और तुमसे बिना मिले 
मिलन का एहसास करना 
ये तुम्हारे प्रेम का अनुवाद है 

#रेवा


Thursday, April 9, 2020

प्रेम

कई बार तुम्हें
सपनों में आवाज़ लगायी
धुंध में ढूंढने की कोशिश की
अपनी खुली बाँहों में
संभालना चाहा 
तनहाइयों में भी 
तुम्हें अपने साथ पाया 

भाइयों और बहनों के
झगड़ों में तुम्हें महसूस किया
माँ की लोरी में सुना
दोस्तों के बीच भी अनुभव किया
तमाम रिश्तों के 
मूल में तुम ही तो थे, 

छोटी बड़ी
कविताओं में तुम 
यहाँ तक की
पूरी की पूरी किताब में भी तुम

गीतों में सुना तुम्हें,
मीरा के पदों में सुना
मंदिर की भजनों में सुना
मस्जिद की आज़ानों में भी तुम थे,

प्रेम तुम किस किस रूप में
कहाँ कहाँ  रहते हो ?
बताओ तो
लेकिन कभी दिखते क्यों नहीं ?
कभी तो सामने आओ न 
बड़ी शिद्दत से
छूना चाहती हूँ तुम्हें 

पर....कैसे ??
ये समझ नहीं पाती
क्योंकि दिमाग तो यही
कहता है
तुम तो बस एहसास हो 
महसूस तो कर सकती हूं
पर छू नहीं सकती
पर दिल मानना नहीं चाहता !!!

#रेवा 

Tuesday, March 31, 2020

स्त्री मन



क्या लिखूं अब तो 
शब्दकोश भी खाली 
हो गया है
नहीं बचे अब कोई 
शब्द जो बयां कर सके 
वो एहसास जो मैं 
शिद्दत से महसूस करती हूँ 
और जो तुम्हें छू कर भी नहीं जाती 

तकलीफ़ मुझे बहुत होती है 
पर जानते हो तुम्हारा कितना 
नुकसान हो रहा है 
तुम ज़िन्दगी जी नहीं रहे हो 
बस बीता रहे हो 
अब तो तुमसे प्यार है 
ये भी नहीं बोल पाती 
हाँ ख़्याल जरूर है 

जानते हो न प्यार और ख़याल 
के बीच एक महीन रेखा है 
मुझे लगता है हमारे बीच अब वही 
एक कड़ी रह गयी है 

और तकलीफ़ इसलिए ज्यादा
होती है कि मैं कभी लिख कर 
कभी बोल कर कह लेती हूँ 
दिल का हाल 
पर तुम्हारे पास तो ये ज़रिया 
भी नहीं 

काश! तुम समझ पाते 
ये ज़िन्दगी एक बार ही मिली है 
खत्म हो जाएगी एक दिन
चाहो तो जी लो हर पल 
चाहो तो सिर्फ गुजार लो 
पल पल....

#रेवा

Sunday, March 29, 2020

बदचलन औरत

मैं वो औरत हूँ
जिसने की है
एक मर्द से दोस्ती
जिसमें पाया है मैंने
अच्छा पक्का दोस्त
जिसे मैं अपने दिल की
हर बात साझा कर
सकती हूँ
जो मुझे समझता है
हर तकलीफ़ में साथ
खड़ा रहता है
मैं जैसी हूँ उसके लिए
एकदम परफेक्ट हूँ

हाँ गलतियों में डांट
भी देता है
कभी पिता सा लाड़ करता है
कभी प्रेमी सी बातें
तो कभी दोस्त बन कर
सलाह देता है
उसे मैं हमेशा
अपना कंधा कहती हूँ
पर वो मेरा पति
नहीं है न दूर दूर तक
कोई रिश्ता है उससे
फिर भी वो सबसे करीब है
हाँ शायद मैं बदचलन
औरत हूँ
या बेबाक या मोर्डरन
जमाने की बिगड़ी हुई
औरत या फिर
मैं जैसा
कहती हूँ इंसान हूँ
और इंसान से की है
दोस्ती और रिश्ता
इंसानियत का है

#रेवा

Friday, March 20, 2020

डरपोक औरतें


समाज के कुछ तबकों को
औरतों से इतनी नफ़रत है कि वे
अनेकों घृणित नामों से
उसे नवाज़ते हैं
कभी रखैल, कभी वैश्या
तो कभी बदचलन
सोचती हूँ मैं
अगर मर्द होते ही नहीं
तो इन नामों का
कोई मतलब ही नहीं रह जाता
इन नामों से
सिर्फ औरतों को ही
इसलिए जोडा़ जाता है
कि औरतें
प्रतिशोध से परे हैं
लाज का दही
मुँह पर जमाये फिरती हैं
इसी तबके के लिये
इन्हीं तबकों में से
इन्हीं मर्दों के लिये भी
भंड़वे, बदजा़त
और ज़नमुरीद जैसे शब्द भी हैं
लेकिन नहीं करतीं इस्तेमाल
इन शब्दों को
ये खुदगर्ज, मनहूस
और डरपोक औरतें

Friday, February 21, 2020

इश्क़


तुम्हारे कांधे पर सर रख कर 
सुकून महसूस करना इश्क है 

नज़र भर तुम्हें देखना और बस 
देखते रह जाना इश्क है 

आईने में संवरना और तुम्हें याद कर 
मुस्कुराना इश्क है 

महज़ तुम्हारी आवाज़ सुन कर 
गुलाबी हो जाना इश्क है

सपनों में तुम्हारा दिदार करना 
और दिन भर उसी एहसास को जीना 
इश्क है 

तुम्हारे बिना तुम्हारे साथ रहना 
इश्क है 

किसने कह दिया इश्क देह है 
इश्क विदेह है 
सिर्फ और सिर्फ एहसास है 

#रेवा

Monday, February 17, 2020

आदत

तुम्हें मांगने की 
कितनी आदत हो 
गयी है न 
शीर्ष पर पहुंचने 
की होड़ में 
प्रसिद्धि पाने 
के जोड़ तोड़ में 
इसका बहुत बड़ा 
हाथ है 

पहले तो थोड़े 
बहुत से काम चल 
जाता था पर
अब मांगते मांगते 
इतनी आदत हो गयी 
है कि जहां कुछ 
अच्छा दिखा बस 
माँग लिया 

ये जानते हो न
की सूरज की किरणें 
एक छिद्र में भी 
अपनी जगह बना 
लेती है.... 


#रेवा