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Wednesday, September 5, 2018

दोस्ती


जाने कैसे 
जाने कब
जाने क्यों
उसने मेरा मन
पढ़ लिया 

एक एक कर
मेरे मन की
सारी गिरहें
खोल कर रख दी
मेरे सामने 

आश्चर्य तो हुआ
खुशी भी हुई की
मेरे दोस्त
कितना समझते
हैं मुझे
पर एक बारगी 
दोस्त के प्यार से 
आँखें नम हो गयी...

#रेवा
#दोस्ती 

8 comments:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 6.9.18 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3086 में दिया जाएगा

    हार्दिक धन्यवाद

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  2. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन शिक्षक दिवस और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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