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Thursday, August 23, 2018

I hate you


हर बार
बार बार
यही तो कहना
चाहा की
मुझे तुमसे
कितना प्यार है......

पर जब कहने की
बारी आती है
तो हर बार
यही कहती हूँ
"I hate you "
बहुत गंदे हो तुम !!!

जाने क्यों ये कह
कर लगता है
मैंने सब कह दिया
और तुम सब समझ गए  !!

समझ जाते हो न ???
इसलिए तो लगता है
बोलो कुछ भी
और कैसे भी
प्यार की जुबां को
समझना इतना भी
मुश्किल नहीं है
है न !!!

#रेवा
#प्यार 

4 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (24-08-2018) को "सम्बन्धों के तार" (चर्चा अंक-3073) (चर्चा अंक-3059) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. शुभ प्रभात दीदी
    बढ़िया कविता..
    लोगो तो लगाया आपने
    आज ब्लॉग सेतु में नम्बर चार पर है
    आप कृपया ब्लॉग सेतु में जाकर अपने
    प्रोफाईल से लोगो का कोड लाकर लगाएँ
    लोगो के बीच मे रैंकिंग का नम्बर लिखा रहता है
    जो हर हफ्ते बदलता रहता है...
    आप मेरी धरोहर पर जाकर देखें
    सादर

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